कागज पर गवाहों के समक्ष
हस्ताक्षर करके किया हुआ करार
प्यार नही एग्रीमेंट होता है
समझौता होता है
वो प्यार ही क्या
जो पागल न बना दें



दीवाना न कर दें
दिल के दिल का करार
सबसे बड़ा
लिखा-पढ़ी अक्लमंदो
का काम है
और प्यार में अक्ल की
कोई जरूरत नही होती
अक्ल चली तो पिफर
वो प्यार नही होता।


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Akshaya Gaurav

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