जब दर्द मुझे होता है, 

तो अश्रु उसकी आँखों से बहते है, 
जब चोट कभी मुझे लगती है ,
तो दर्द उसको होता है ,
यह सिर्फ उसके साथ होता है जो एक जननी होती है, 
जननी अर्थात जन्म देनेवाली ,
माँ जिसे हम कहते है ,
अनगिनत असहनीय कष्टो को सहकर,
अपने बच्चे को जन्म देती है माँ ,
अपने बच्चो के लिए ही जीती है माँ, 

अपने बच्चो का दर्द समझती है माँ,
पानी जैसी निर्मल होती है माँ ,
प्यार कि देवी होती है माँ,
ममता कि मूरत होती है माँ,


क्षमता से परिपूर्ण होती है माँ,
अपने बच्चो पर ही दुनिया उसकी शुरू होती है,
अपने बच्चो पर ही दुनिया उसकी ख़त्म होती है,
अपने बच्चो को हमेशा खुश रखती है माँ ,
अपने बच्चो में सदा खोयी रहती है माँ ,
मधुर संगीत कि तरह होती है माँ,
शीतल छाया कि तरह होती है माँ ,
जब बात अपने बच्चो कि आये तो,
सदैव आगे रहती है माँ,
ईश्वर हर जगह जा नहीं सकता,
इसलिए हर घर में उसने भेजी माँ,
ईश्वर कि ही परछाई होती है माँ,
करुणा कि सीरत होती है माँ ,
दयामय दायिनी होती है माँ ,
जो हर पल कुछ न कुछ देती है माँ,
माँ कि गोद में जन्नत मैंने महसूस किया,
माँ के चरणो में स्वर्ग है मैंने जान लिया ,
सोचो तो एक अभिलाषा है माँ ,
अँधेरे में रौशनी कि आशा है माँ,
एक मीठा - मीठा एहसास है माँ ,
एक प्यार भरा आभास है माँ ,
अपने बच्चो का दृढ विश्वास है माँ,
अपने बच्चो के लिए कुछ खास है माँ ,
फिर भी न जाने हवा ये कहा से आयी ,
आज हर बच्चा कर रहा अपनी माँ से रुसवायी,
न जाने क्यों वो ये भूल गया ,
माँ से ही उसको ये जीवन है मिला ,
अपनी माँ से तुम कभी मुह मत मोड़ना,
अपनी माँ का दिल तुम कभी मत दुखाना,
इसकी दुवाओ में होता बहुत असर ,
जिन दुवाओ को सुन होती ईश्वर कि महेर,
दुवाओ को भी जरुरत माँ के दुवाओ कि है ,
जन्नत को भी जरुरत माँ के दुवाओ कि है ,
खुशकिस्मत है वो जिन्हे माँ का प्यार मिले,
किस्मतवाले है वो जिन्हे माँ का दुलार मिले,
माँ कि अहमियत जरा उन बच्चो से पूछो ,
जिन बच्चो कि गुजर जाती है माँ,
माँ के बिना बच्चे वो फूल है ,
जो बिना खिले ही मुरझा जाते है,
इसलिए माँ कि क़द्र को समझो ,
उनकी सेवा में अपना हित समझो,
क्योंकि प्यार भरा आँचल फैलाती है माँ,
खुशियो कि लोरी को गाती है माँ ,
अपनी नींदो को हराम कर,
चैन कि नींद तुम्हे सुलाती है माँ ,
न जाने क्या जादू उसकी ममता में है,
ईश्वर को भी जरुरत उसकी ममता कि है,
माँ के दुनिया वीरान होती है ,
माँ के बिना खुशिया निराश होती है,
माँ में ही बसी है दुनिया सारी,
माँ में ही छिपी है खुशिया सारी,
उस ईश्वर से है बिनती मेरी ,
मेरी माँ को भी खुशिया मिलती रहे,
मेरी माँ कि माँ भी सलामत रहे ,
उसे भी अपनी माँ का प्यार अपार मिले,
है इच्छा मेरी अपनी माँ जैसी बनू,
उसकी ही मै परछाई बनू ,
प्यारी होती है माँ,
जहा से न्यारी होती है माँ,
मन्नत होती है माँ जन्नत होती है माँ !!


तिवारी रोहिणी विश्वनाथ 




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Akshaya Gaurav

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