शब्दों के समागम में खो जाती है मेरी कलम...
कुछ खुट्टे, कुछ मिठे शब्द लिख जाती है मेरी कलम....
कहते है स्वच्छ भारत अभियान से तो
भारत स्वच्छ हो जायेगा....
लेकिन जातपात के भेदभाव से
भारत कब स्वच्छ हो पायेगा....?

शब्दो के समागम में खो जाती है मेरी कलम....
कुछ तीखे शब्द लिख जाती है मेरी कलम.....

सिर्फ होली पर ही पानी बचाने की बात कहते है लोग....
पर होली के दिन को छोड़कर पानी बचाने पर
क्यांे ध्यान नही देते है लोग....?

शब्दो के समागम में खो जाती है मेरी कलम.....
जाने क्या-क्या लिख जाती है मेरी कलम.....

न जाने कब वो दिन आएगा,
जब यह साफ साफ हो जाएगा....
चाहे अभीनेता हो, नेता हो या हो संत,
गरीबो के अधिकारों के लिए कब कौन आगे आएगा....?

शब्दों के समागम में खों जाती है मेरी कलम...
नादान है यह ना जाने कुछ भी लिख जाती है
बस ऐसी ही है मेरी कलम....

पत्रकार रमेश प्रजापती
सम्पर्क सूत्र: 7748877116
राजगढ़ (धार) मध्य प्रदेश


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Akshaya Gaurav

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