रक्षाबंधन का पर्व है निर्मल,
प्यार से भरा त्यौहार अनमोल !
मिठाइयो कि मिठास से भी मीठा,
भाई बहन का प्यार है,
आपस में ही झगड़ते है !
फिर एक दूजे के संग हो लेते है,
इस दिन का इंतज़ार भाई – बहन ,
एक- दूजे के लिए करते है !
लम्बी हो उम्र मेरे भाई कि,
यही कामना हर बहन करती है !
मेरी बहन का दामन हो खुशियो से भरा,
यही चाहत हर भाई कि होती है !
छोटी हो या बड़ी हो बहन,
अपने भाई कि दुलारी होती है !
छोटा हो या बड़ा हो भाई,
अपनी बहन का प्यारा होता है !
भाई कि खुशियो कि चिंता,
हर बहन दिन रात करे !
अपनी बहन कि रखवाली,
जी जान से हर भाई करे !
सभी भाई- बहनो का प्यार बना रहे,
रक्षाबंधन का ये पर्व अमर रहे,
ईश्वर से कामना यही करती हु !
मेरे भाई से मेरा प्यार सदा बना रहे,
वो चले तरक्की और नेकी कि राहो पर !
वो छुए आसमान कि बुलंदियों को,
उसका हर सपना साकार बने !
उसका जीवन सफल ओर सुखमय बने,
यही दिल से दुआ उसे मैं देती हु !
हर पल उसे एक नयी खुशिया मिले !!

रोहिणी विश्वनाथ तिवारी
(लेखिका अक्षय गौरव पत्रिका की संपादिका है। लेखिका से फेसबुक पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें। )


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Akshaya Gaurav

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