दिवाली आई है

उमंग हृदय में भरकर कुछ कहने आई है

कहती कुछ दिवाली की रंगोली कुछ

संदेशा लेकर आई है।

मन में आशा भरकर धर्म के साथ भाईचारा फैला दो

ज्ञान का दीपक मन में प्रकाश फैलाए

घर - घर एक संदेशा फेैला दो।

रंगो से भरी रंगोली पटाखों पर कहती है कुछ

पटाखे करते प्रदूषण, अपनी मातृभूमि की सूनो पुकार

हर घर घर खुशियों हो जाए,

ये दिवाली की रंगोली कुछ कहने आई है।



  
अक्षय आजाद भण्डारी 
राजगढ़ तहसील सरदारपुर जिला धार मध्यप्रदेश। लेखक वर्तमान में पत्रकारिता स्नातक के छात्र है एवं कई वर्षो से पत्रकारिता क्षेत्र में में सक्रिय है।  आपसे 9893711820 अथवा ई-मेल पर ई मेल bhandari.akshjay11@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।


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Akshaya Gaurav

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