पिछले दिनों की बात है हमें पूरे दिन भटकने के बाद हारे हुए योद्वा की तरह घर जा रहे थे तभी हमें सज्जन से दिखने वाले एक व्यक्ति मिले। जिन्हे देखकर मन हुआ कि एक और प्रयास किया जाये।
भाईसाहब आपके यहां भी किराये पर कमरे मिलते है।
इतना ही पूछा था कि मकान मालिक ने पहले तो हमें ऊपर से नीचे तक घूरा और फिर सोचते हुए बोला, हां! है किसके लिए चाहिए।हम भी तपाक से बोले, हमें खुद के लिए ही चाहिए।पुलिसिया अंदाज में, क्या तुम अकेले रहोगे या परिवार के साथ। परिवार के साथ रहोगे तो परिवार में कौन-कौन है?हमने भी किरायेदारों की बढ़ती हुई मनमानी और कृत्यों को समझते हुए हुए बोले, भाई साहब, हमारे परिवार में हमारी माता जी, धर्मपत्नी और एक छोटी सी बिटिया है।ठीक है, आपको हम अपना कमरा दे सकते है।हम अपने समय को देखते हुए बोले कि चलिए फिर आप कमरा दिखा दिजिए।लेकिन मकान मालिक तो ससुर ऐसे बैठा हुआ था कि जैसे कमरा किराये पर न देकर बेच रहा हो, और उसका सौदा करके ही उठेगा।हमें घूरकर नाक भोंह सिकोड़ते हुए बोला, अरे भईया तनिक रूको! थोड़ा नियम और कायदे भी तो सुन लो। जिससे तुम्हे भी परेशानी न हो और हमें भी।तभी मकान मालिक की धर्मपत्नी भी मंुह टेडा करते हुए बोली इन्हे नियम कायदे बता दिये है ना? किराया भी बताया कि नही?अरे! भागवान तुम्ही बता दो, क्योंकि घर पर तों तुम्हे ही रहना है।मकान मालिक की धर्मपत्नी भूखे शेर की तरह शिकार पर पूर पकड़ बनाते हुए बोली, देखिये किराया तो मात्र 3000 रूपया है, इसके अलावा मोटर का पानी अलग है और बिजली का मीटर तो सब कमरों में अलग-अलग लगा हुआ है।हमारी कालोनी में 8 रूपये यूनिट चल रही है। आपको भी वही देनी होगी और मोटर के पानी के लिए 200 रूपये अलग से देने होंगे।
उनका जवाब सुनकर तो हम सकपका ही गये क्योंकि सरकारी रेट तो 5 रूपये चल रहा है। लेकिन इस बात पर अपनी आवाज उठाने की कोशिश की..
मकान मालिक तपाक से बोली, देखिये! भाईसाहब एक किरायेदार के चक्कर में हम पूरी कालोनी का रेट थोड़ी ही खराब करेंगे।
मकान मालिक मुर्गा फंसता देखकर, अच्छा ठीक है, आप दौ सौ रूपया कम दे दीजिए। जीते हुए योद्वा की तरह एक लंबी सांस लेते हुए.....
भाईसाहब नियम तो आपने पूछे ही नही।
अच्छा हां वो तो हम भूल ही गये। वो भी बता दीजिए (कुढ़ते हुए)
हम कुछ सोचते हुए बोले बिजली का बिल आप किस हिसाब से लेंगी।
देखिये सरकारी रेट तो कम है तो फिर आप कैसे हमसे इतने ज्यादा ले सकती है?
चलिए, कोई बात नही लेकिन कमरे का किराये में तो कम से कम थोड़ी छूट दीजिए ना।
हर साल आपका किराया 200 रूपये बढ़ेगा। अगर आपके पास कोई टू व्हीलर है तो उसे अपनी जिम्मेदारी पर बाहर ही खड़ा करें। सुबह जल्दी उठकर ऊपर का पूरा पोर्शन ठीक से साफ करें। घर में मेहमान नही आने चाहिए..... ये नही होना चाहिए....वो नही होना चाहिए........। इसके अलावा किराया बिल्कुल टाईम पर चाहिए वरना 12 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा और.......
इतना सुनकर हमे चक्कर आने लगे। उसके बाद क्या हुआ हमें कुछ पता नही था। लेकिन हमारे कानों में आवाज गूंज रही थी कि अरे..... उठो जी! कब तक सोते रहोगे। सुबह हो गई है।


Written by : rsbisht.mrt@gmail.com



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Akshaya Gaurav

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