किताबों के महाकुम्भ विश्व पुस्तक मेले के तीसरे दिन भी राजकमल प्रकाशन समूह के स्टाल में पुस्तकप्रेमियों उत्साह देखने लायक था। राजकमल प्रकाशन की ओर से सेल्फी प्वांइट स्कीम भी चलाई गई। वहीं तीसरे दिन पुस्तक परिचर्चा में मैत्रेयी पुष्पा ने अपनी राजेन्द्र यादव पर लिखी किताब 'वह सफर था कि मुकाम था' पर प्रेम भारद्वाज मौजूद रहे।
पुस्तक परिचर्चा ''वह सफर था कि मुकाम था'' पर बोलते हुए संपादक प्रेम भारद्वाज ने कहा "राजेंद्र यादव के साथ मैत्रेयी जी की मैत्री जानी पहचानी है। लेखन की पहली पायदान से अब तक की उनकी यात्रा के अनेक मोड़ों पड़ावों गतिविधियों के साक्षी रहे हैं राजेंद्र यादव। एक शायर ने कहा है ‘इक जरा सी मुलाकात के कितने मतलब निकाले गए। 'राजेंद्र यादव से मैत्रेयी के संबंध इतने अनौपचारिक, घरेलू और आत्मीय थे कि वहां न कुछ पर्सनल था न पॉलिटिकल। मैत्रेयी जी के लिए वे फ्रेंड फिलास्फर और गाइड सब थे। पर आबोहवा में उनके चर्चे होते रहे। मैत्रेयी जी का यह वाक्य जो शायद वे अक्सर राजेन्द्र जी को कहती थीं, मन को पुलक से भर देता है कि 'राजेन्द्र जी, आप तो हमारी सहेली हैं! "
मैत्रेयी पुष्पा ने प्रश्नों के जवाब देते हुए कहा "राजेंद्र यादव से मिलने पहले मैं लिखती तो थी मगर कुछ इस तरह रोती जाती थी और लिखती रहती थी और सोचती थी सायद ऐसे ही उपन्यास लिखते है, मेरे उपन्यास प्रकाशित भी हुए मगर  जब में राजेंद्र यादव से मिली तो उन्होंने मुझसे कहा तुम मेरे पास एक विद्यार्थी की तरह आयी हो और मैने जो उसके बाद लिखा वो मैने राजेंद्र यादव के पास आकर ही लिखा।"


राजकमल प्रकाशन ने अपने स्टाल पर पाठकों के लिए एक अनोखी स्कीम भी चलायी है एक सेल्फी पॉइंट है  'हिंदी है हम ' पर फोटो लेके फेसबुक पे #RajkamalBooks पोस्ट करने पर किताबों पर 5% की छूट मिलेगी, जो की पुस्तकप्रेमियों को काफी पसंद आ रहा है और सेल्फी लेने वालों में काफी उत्सुकता बढ़ा रहा है।

राजकमल प्रकाशन स्टाल पर आज के कार्यक्रम 

1-2 बजे मैनेजर पांडे, आलोचक की किताब मुग़ल बादशाहों की हिंदी कविता पर मृत्युंजय, कवि, आलोचक की बातचीत, 3-4 बजे वर्षा दास के दो नाटक -खिड़की खोल दो और प्रेम और पत्थर लोकापर्ण किया जायेगा। लोकापर्ण कृति जैन द्वारा किया जाना है।


Axact

Akshaya Gaurav

hindi sahitya, hindi literature, hindi stories, hindi poems, hindi poetry, motivational stories, inspirational stories, हिन्दी साहित्य, कहानियाँ, हिन्दी कविताएँ, काव्य, प्रेरक कहानियाँ, प्रेरक कहानियाँ, व्यंग्य.

loading...

POST A COMMENT :