विश्व पुस्तक मेले के आठवें  दिन राजकमल प्रकाशन के मंच में कार्यक्रम में कथाकार अल्पना मिश्र की किताब 'स्याही में सुर्ख़ाब के पँख'  का लोकपर्ण हुआ और साथ ही उन्होंने अपने  उपन्यास पर  प्रेम  भारद्वाज से  बातचीत की। आठवे दिन के दूसरे कार्यक्रम में क्षितिज रॉय का उपन्यास 'गंदी बात' का लोकार्पण गीतकार प्रशांत इंगोले और प्रशांत कश्यप  ने किया और उन्होंने लेखक से किताब पर परिचर्चा की। गीतकार प्रशांत इंगोले को वाजिब मशहूरियत मैरी कॉम और बाजीराव मस्तानी फिल्मों के गानों से मिली है 'गंदी बात' राधाकृष्ण प्रकाशन के 'फंडा' उपक्रम  से प्रकाशित है। फंडा आम पाठकों के लिए मनोरंजन प्रधान, स्तरीय कथा साहित्य का प्रकाशन करता आया है।


बातचीत के दौरान गीतकार प्रशांत इंगोले  ने कहा कि लोग समझते है कि मैं हिंदी भाषा में कमजोर हूँ । फिर कैसे  मैने बाजीराव मस्तानी का सुपरहिट गाना मलहारी लिखा। मैं यहां यह बताना चाहता हूँ कि मेरी हिंदी कमजोर जरूर है मगर भारत मे बोली जाने वाली बेसिक हिंदी मुझे अच्छी तरह आती है, जो कि हर भारतीय को आती है। गंदी बात उपन्यास के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि किताब मैने अभी तक पढ़ी नही मगर उपन्यास का शीर्षक देख के कह  रहा हूँ  कि इसे मैं जरूर पढूंगा और मेरी तरफ से लेखक को उनके उपन्यास के लिए बहुत बहुत बधाई।
उपन्यास के बारे मैं कहते हुए लेखक क्षितिज रॉय ने कहा कि गंदी बात वह नही जो सब लोग समझते है, आज के जमाने मे गंदी बात हर जगह है राजनीती से लेकर क्रिकेट के मैदान तक, बच्चों से लेकर बुढों तक। जिसे कहते हैं सब गंदी बात, क्या होती है वाकई वह गंदी-सी कोई बात। साथ ही उन्होंने कहा किताब को पढ़िए आपको जरूर पता चलेगा कहाँ-कहाँ है गंदी बात।


Axact

Akshaya Gaurav

hindi sahitya, hindi literature, hindi stories, hindi poems, hindi poetry, motivational stories, inspirational stories, हिन्दी साहित्य, कहानियाँ, हिन्दी कविताएँ, काव्य, प्रेरक कहानियाँ, प्रेरक कहानियाँ, व्यंग्य.

loading...

POST A COMMENT :