लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एलएसई) के दक्षिण एशिया केन्द्र के इस साल आयोजित होने वाले वार्षिक मुख्य शिखर सम्मेलन में भारत की आज़ादी की 70वीं वर्षगांठ का भी जश्न मनाया जाएगा। इस शिखर सम्मेलन की घोषणा यहां चल रहे दसवें वार्षिक ज़ी जयपुर साहित्य महोत्सव के मौके पर की गई। इस शिखर सम्मेलन में विश्व शक्ति बनने की इच्छा शक्ति से भरपूर भारत के आगे के रास्तों से जुड़े चार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। जोकि इस प्रकार है-

  • नागरिकता एवं भारत का संविधान
  • कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व
  • वैश्विक शक्ति के रूप में भारत का उदय
  • भारत में जल सुरक्षा

चर्चा में शामिल होने वाले विशेषज्ञों में जे.ए. (टोनी) एलन, राहुल बजाज, मुकुलिका बनर्जी, हैरी बर्केमा, अमिता बाविस्कर, एस गुरुमूर्ति, सुहासिनी हैदर, नीरजा गोपाल जयाल, कल्पना कन्नाबिरन, ओंकार एस कंवर, माधव खोसला, मार्कस मेंच, निरुपमा राव, मुकुंद राजन, कंवल सिब्बल, एश्ली टेलिस और हिमांशु ठक्कर शामिल होंगे।
भारत के 70 साल : 2015 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरुन द्वारा की गई घोषणा - ‘‘भारत - ब्रिटेन संस्कृति वर्ष 2017’’ के तहत आयोजित हो रहा है।

यह होगा इस शिखर सम्मेलन में विशेष आकर्षण 


  • 1947 में भारतीय उपमहाद्धीप के विभाजन को दर्शाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी। यह प्रदर्शनी अमृतसर स्थित पार्टिशन म्यूज़ियम के सहयोग से आयोजित होगी।
  • अश्विनी देशपांडे (प्रोफेसर, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स) द्वारा मात्रात्मक डेटा और विश्लेषण पर ‘मास्टर क्लास'।
  • भारत के साथ लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के 100 साल से अधिक पुराने ऐतिहासिक संबंधों पर मिक कॉक्स और रामचंद्र गूहा के बीच एक बातचीत। 

इस शिखर सम्मेलन के बारे में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस के दक्षिण एशिया केंद्र की निर्देशक डॉ. मुकुलिका बनर्जी ने कहा कि भारत के 70 साल आने वाले दशकों के दौरान भारत के आगे के रास्ते से जुड़े सवालों पर ईमानदार बहस और चर्चा के लिए एक प्लेटफार्म होगा। यह चर्चा नए शोधों, व्यावहारिक एवं तुलनात्मक ज्ञान तथा ज़मीनी हकीकतों के आधार पर होगी। ‘अपोलो टायर्स के साथ हमारी भागीदारी इस बात को बहुत ही स्पष्टता के साथ रेखांकित करती है कि दक्षिण एषिया केन्द्र इन शिखर सम्मेलन में क्या हासिल करने वाला है, यह भारत के भविष्य के लिए वैचारिक नेतृत्व में अंतर-क्षेत्रीय भागीदारी है।
इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन को पेश कर रहे अपोलो टायर्स लिमिटेड के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निर्देशक नीरज कंवर ने कहा कि एलएसई शिखर सम्मेलन आज़ादी के बाद 70 साल पूरे करके वैश्विक आर्थिक ताकत बनने के एक नए दौर में प्रवेश करने वाले भारत के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगा। हम एलएसई की इस पहल में सहयोग करके गौरव का अनुभव कर रहे हैं। इस पहल के ज़रिए कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व तथा अन्य क्षेत्रों को लेकर वैचारिक चर्चा होगी तथा जानकारियों को सार्वजनिक प्रभाव के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। कारपोरेट सामाजिक दायित्व अपोलो टायर्स का मुख्य केन्द्र बिन्दु रहा है।
ब्रिटिश काउंसिल, भारत के निर्देंशक एलन गेम्मेल ने कहा कि एलएसई ब्रिटेन का एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय है जहां के 75 प्रतिशत छात्र सही मायने में अंतर्राष्ट्रीय हैं। हम एलएसई के वैश्विक शिखर सम्मेलन के साथ जुडऩे पर अत्यधिक खुश हैं। यह ब्रिटेन-भारत संस्कृति वर्ष 2017  को शुरू करने का रोमांचक मार्ग है।
टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निर्देंशक संजॉय कुमार रॉय ने कहा कि यह संयोग है और यह उचित ही है कि एलएसई भारत शिखर सम्मेलन 2017 के साथ भारत-ब्रिटेन संस्कृति वर्ष 2017 शुरू होगा। हम जयपुर साहित्य महोत्सव में इसकी शुरुआत करके तथा एलएसई, अपोलो टायर्स लिमिटेड एवं ब्रिटिश काउंसिल के साथ मिलकर इसे आयोजित करने को लेकर अत्यंत खुश हैं।
कार्यक्रम का विवरण 
29-31 मार्च 2017, स्टाइन सभागार, इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली - 110003
पूर्व पंजीकरण ज़रूरी है, जो निःशुल्क है। (यह पंजीकरण 23 जनवरी 2017 से शुरू हो चुका है।)


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Akshaya Gaurav

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