किताबों का महाकुम्भ विश्व पुस्तक मेले के दूसरे दिन  राजकमल प्रकाशन समूह  के स्टाल में पुस्तकप्रेमियों को इस साल की बहुचर्चित पुस्तक अकबर और  क्षितिज रॉय के आने वाली पुस्तक गन्दी बात पर चर्चा हुई। चर्चा में अकबर के लेखक शाज़ी ज़माँ  और गन्दी बात के लेखक क्षितिज रॉय ने अपने अपने उपन्यास से अंश और लोगों के  प्रश्नों के जवाब दिए। नॉन रेज़िडेन्ट बिहारी उपन्यास वाले मस्तमौला लेखक  शशि  कान्त  मिश्र ने भी अपने आने वाले दूसरा  उपन्यास वेलेंटाइन बाबा का कुछ अंश  सुनाये। तत्पचात सईम हसन द्वारा  भोजपुरी, खोरठा, बाउल गान और भी कई लोकगीतों और गायन शैलियों का फ्यूज़न पस्तुत किया गया।
शाज़ी ज़माँ  ने अपने उपन्यास  अकबर पर बोलते हुए कहा कि अकबर पर अभी तक अनेकों किताबे प्रकाशित हुई है, मगर मेरा यह उपन्यास सबसे अलग है, मैने इस पुस्तक के माध्यम से बादशाह सलामत अकबर के सभी पहलुओं को लोगों के समीप लाने की कोशिश की है और मैं आपको यक़ीन दिलाता हूँ  कि एक बार आप इस उपन्यास को पढ़ना शुरू करते हैं तो आप इस उपन्यास में खो जाते है, साथ ही उन्होंने लोगो के प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा  कि अकबर बुढ़ापे में पृथ्वीराज कपूर की तरह दिखते थे और उन्होंने ये भी कहा कि जोधाबाई अकबर की पत्नी थी इसका भी कोई प्रमाण नही हैं ।
शशि  कान्त  मिश्र ने अपने 14 फ़रवरी को आने वाले उपन्यास वेलेंटाइन बाबा के कुछ अंश पढ़े साथ ही क्षितिज रॉय ने अपनी किताब गन्दी बात अंश पढ़े। आज शाम 4 बजे से 5 बजे तक, 'वह सफर था कि मुकाम था' किताब पर मैत्रेयी पुष्पा (सुप्रसिद्ध लेखिका) से प्रेम भारद्वाज (संपादक, 'पाखी' पत्रिका) बात करेंगे। उपस्थित पुस्तकप्रेमी भी लेखिका से सीधे संवाद कर सकेंगे। पुस्तक पर हस्ताक्षर के लिए मैत्रेयी पुष्पा शाम 6 बजे तक स्टॉल पर मौजूद रहेंगी।


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Akshaya Gaurav

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