अपने देश में मिलावटखोरी पल रहे है
क्यों अपने ही अपने को छल रहे है
न जाने देखकर भी नज़रे खामोश हो जाती है
दो पल की हँसी ख़ुशी के लिए 
सेहत को ताक पर रख जाते है
फिर भी अंदर से क्रोध जागता है 
लेकिन क्या करे अब झुठी हँसी ख़ुशी में 
दो पल का ही नुकसान है
बस जी करता है सुनो सरकार 
अब यही फरमान है 
यह मातृभूमि पवित्र है 'यहाँ पाप मत बढ़ाओ
 वरना एक दिन सब सर्वनाश हो जायेगा 
मिली दुनिया फिर नही मिलेगी
अब नही समझे कब सरकार जगेगी 
मालूम है उन्हें पर क्यों गूँगी बहरी से लगती है
जी करता है अब सेहत के दुश्मनों को 
हर चौराहे पर फाँसी पर लटका दूँ
 इस देश में पल रहे मिलावटखोरो को 
ऎसे ही सबक सीख ला दूँ।


लेखक राजगढ़ तहसील सरदारपुर जिला धार मध्यप्रदेश के रहने वाले है और वर्तमान में पत्रकारिता स्नातक के छात्र है एवं कई वर्षो से पत्रकारिता क्षेत्र में में सक्रिय है। आपसे 9893711820 अथवा ई-मेल bhandari.akshjay11@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।


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Akshaya Gaurav

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