गर्मी का सीजन आते ही त्वचा में पानी की मात्रा कम होती रहती है जो पसीने के रुप में बाहर आती है। शरीर में पानी की मात्रा कम होने से त्वचा की नमी भी कम हो जाती है और त्वचा रूखी-रूखी हो जाती है। यहां पर हम आपको ऐसी कुछ टिप्स बताने जा रहे है जिससे आप अपनी त्वचा का ख्याल रख सकती है।
सन स्क्रीन का प्रयोग : अब मौसम कितनी ही गर्मी का हो घर से बाहर किसी न किसी काम के लिए जाना ही पड़ता है। ऐसे में जब भी आप घर से बाहर जाएं तो बॉडी लोशन, सन्सक्रीम को जरूर अपनी त्वचा पर लगाएं।
धूप में चेहरे को ढ़ककर रखें : बाहर जाते समय अपने साथ चुन्नी या दुपट्टा साथ लें और तेज घूप में उसे अपने मुंह पर बांध ले ताकि घूप से आपका चेहरा बच सके।
पानी की बोतल साथ रखें : घर से बाहर जाते समय हमेशा पानी की बोतल अपने साथ रखें ताकि पानी का सेवन करती रहें। जिससे त्वचा की नमी बनी रहती है।
सनग्लासिस पहनें : धूप में जाते समय सनग्लासिस पहनना न भूलें और अगर आप नजर का चश्मा लगाती हैं तो आप अपने चश्में के ग्लिासिस फोटोक्रोमिक जरूर बनवा लें।
चाय-कॉफी से करे तौबा : यदि आप चाय और कॉफी के बेहद शौकिन है तो आपको गर्मियों चाय और कॉफी के सेवन को कम कर देना चाहिए। क्योंकि ये गर्मी में त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकते है।
दिन में दो बार नहाएं : चिलचिलाती गर्मी के मौसम में दिनभर में ठंठे पानी से दो बार स्नान अवश्य करना चाहिए, जिससे शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है और त्वचा में भी नमी बनी रहती है। रात्रि में सोने से पहले अपने चेहरे को हल्के पानी से धो लेना चाहिए।
पानी का सेवन : गर्मी के दिनों में लगभग छह से सात ग्लास पानी अवश्य पीएं।
विशेषज्ञ से सलाह लें : त्वचा विशेषज्ञों के पास जाकर गर्मियों में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स को जानकारी लेकर ही इस्तेमाल करें। बदलते मौसम के साथ प्रोडक्ट्स को बदलने की भी आवश्यकता होती है।
घर पर अजमाए ये नुस्खा : यदि आप घरेलू महिला हैं तो आप घर में ही पपीते को मसलकर अपनी त्वचा पर 15 मिनट तक लगाऐ और ठंठे पानी से चेहरा धो लें। तरल व रसों वाले फलों जैसे ककड़ी, अंगूर, संतरा, सेब आदि का सेवन करें जो आपके शरीर को तरोताजा रखता है।
फैसपैक का इस्तेमाल करें : हफ्ते में एक बार प्राकृतिक फेसपैक का इस्तेमाल करें जैसे हल्दी का लेप, चंदन का लेप, एलोवीरा आदि इनमें से किसी एक का भी पेस्ट बनाकर अपने चेहरे पर 10 से 15 मिनट तक रखें ।
हरी घास पर चलें : सुबह जल्दी उठने का प्रयास करें और थोड़ी देर हरी घास पर नंगे पैर चलें।


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Akshaya Gaurav

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