भारतीय संस्कृति में वैदिक साहित्य की समृद्ध परपंरा रही है। हमारी सभ्यता और संस्कृति का आधार साहित्य है। इससे वैचारिक चरित्र का निर्माण होता है। वेद, पुराण, उपनिषद सभी साहित्य की श्रेष्ठ  कृतिया जनमानस को प्रेरणा देती आ रही है। उक्त विचार विश्व हिन्दी सेवा संस्थान की ओर से हिन्दुस्तानी एकेडेमी सभागार में आयोजित 15वें साहित्य मेला में मुख्य अतिथि जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि साहित्य में करूण रस की प्रधानता श्रेष्ठ है इससे भाषा, भाव और संवेदना का संचार होता है।


विशिष्ट अतिथि पं0 जुगुल किशोर तिवारी आई0पी0एस0, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-भवन कल्याण, पुलिस मुख्यालय, इलाहाबाद ने कहा कि आज के दौर में साहित्यकारों की यह सबसे बड़ी चुनौती है कि वह भावी पीढ़ी को पढ़ने के लिए प्रेरित करे। पढ़ने की जिज्ञासा खत्म हो जाएगी तो लेखन समाप्त हो जायेगा। उन्होंने कहा कि हिन्दी विश्व की दूसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी में अपवाद नहीं है। इसमें 2.5 करोड़ शब्दों का भंड़ार है, जबकि अंग्रेजी में दस हजार शब्द है।
अध्यक्षता कर रही कर्नाटक महिला हिन्दी सेवा समिति, बेंगलौर की प्रधान सचिव सुश्री बी0एस0 शांताबाई ने कहा कि हिन्दी को समृद्ध बनाने के लिए सबको हिन्दी अपनानी चाहिए। हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए 70 साल से संघर्ष किया जा रहा है। इसलिए हर क्षेत्र में हिन्दी का वातावरण बनाना चाहिए। बच्चों को हिन्दी में बोलने व पढ़ने के लिए प्ररित करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि अपर पुलिस महानिरीक्षक श्री अशोक कुमार शुक्ल ने कहा कि हिन्दी वैज्ञानिक भाषा है। इसका प्रयोग जीवन में आनंद प्रदान करती है। इस भाषा में भावों को अच्छे तरीके से व्यक्त कर सकते है।
समारोह में संस्थान की ओर से पं0 जुगुल किशोर तिवारी को उनकी पुस्तक आत्मपोषिणी गीता के लिए ‘‘साहित्य रत्न’’, सुश्री बी0एस0 शांताबाई को ‘विहिसा सरताज-2017’, डॉ0 सरोजनी तन्हा, डॉ0 राम प्रबल श्रीवास्तव को हिन्दी सेवी सम्मान, बैरागी मृत्युंजय को गीतकार सम्मान, आमलपुरे सूर्यकान्त विश्वनाथ को ‘राष्ट्रभाषा सम्मान’, श्री ओम प्रकाश त्रिपाठी को साहित्य गौरव, श्रीमती जया शुक्ला को विद्या वाचस्पति, ओम प्रकाश हयारण ‘दर्द’को साहित्य श्री, प्रभांषु कुमार को महादेवी वर्मा सम्मान से सम्मानित किया गया।
काव्य सम्राट प्रतियोगिता में सुधांशु सिंह को प्रथम, डॉ0 सरोजनी तन्हा को द्वितीय तथा डॅा0 आभा रानी को तीसरा पुरस्कार प्राप्त हुआ। निर्णायक मण्ड़ल में देवयानी, तारकनाथ दास रहे।
इस अवसर पर मीड़िया फोरम ऑफ इण्डिया की ओर से श्री प्रभाष द्विवेदी, कुलसचिव संम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी को समाज सेवी सम्मान, श्री वीरेन्द्र पाठक व्युरो प्रमुख सीएनएन को पत्रकार गौरव, श्री प्रकाश बहादुर खरे पत्रकार, गौरव मिश्रा-सुदर्शन न्यूज, अमित त्यागी सूदर्शन न्यूज को पत्रकार श्री से सम्मानित किया गया।
स्वागत संयोजक एवं संस्थान के सचिव डॉ0 गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी ने किया तथा आभार ज्ञापन सोनभद्र से हिन्दी सांसद ओम प्रकाश त्रिपाठी और संचालन ईश्वर शरण शुक्ल ने किया। इस अवसर पर दीप्ती मिश्रा, कुलसचिव राज्य विश्वविद्यालय, मीडिया फोरम ऑफ इण्डिया के महासचिव महेन्द्र कुमार अग्रवाल, सत्यप्रकाश, संस्थान के निगम प्रकाश कश्यप, रेवा नंदन द्विवेदी, आलोक चतुर्वेदी, सदाशिव विश्वकर्मा, मनीषा गर्ग, अनिल गर्ग, प्रभाकर भट्ट, अशोक कुमार गुप्ता, राजेश कुमार सिंह, मोहित गोस्वामी, विनोद मौर्या, रवीन्द्र केसरवानी, दीपक वर्मा, मनमोहन सिंह, पतविन्दर सिंह, गौरव मिश्रा आदि मौजूद रहे।


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Akshaya Gaurav

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