जागरण वार्तालाप में लेखकों और प्रकाशकों ने किया पहल का स्वागत

नयी दिल्ली। राजधानी स्थित ऑक्सफ़ोर्ड बुकस्टोर में हिंदी साहित्य जगत से जुड़े नामी लेखकों एवं प्रकाशकों का जमावड़ा लगा। मौका था, ‘जागरण वार्तालाप’ में दैनिक जागरण हिंदी बेस्टसेलर की पहल पर परिचर्चा का। कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखिका मैत्रयी पुष्पा, उपन्यासकार विवेक मिश्रा, सामायिक प्रकाशन के महेश भारद्वाज, हिंदी युग्म के शैलेश भारतवासी के अलावा हिंदी साहित्य से जुड़े कई नामचीन व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री राखी बक्शी ने किया। दैनिक जागरण पहली बार हिंदी में बेस्टसेलर की अवधारणा को लेकर आ रहा है और आगामी 23 अगस्त को कथा, कथेतर और अनुवाद श्रेणियों में बेस्टसेलर पुस्तकों की घोषणा करेगा।
वर्ष की हर तिमाही में दैनिक जागरण नीलसन बुकस्कैन बेस्टसेलर पुस्तकों की सूची जारी करेगा। इस सूची में केवल उन्हीं किताबों को शामिल किया गया है जिनका पहला संस्करण 1 जनवरी 2011 या उसके बाद प्रकाशित हुआ है।
कौन सी पुस्तक बेस्ट सेलर हो, किसी पुस्तक की ज़्यादा बिक्री का प्रमाण क्या है, सूची में किन शैलियों की पुस्तकें शामिल हों। इन प्रश्नों से हिंदी साहित्यिक समाज अब तक जूझता रहा है। दैनिक जागरण द्वारा की गयी इस पहल का जहाँ एक तरफ पाठकों को पुस्तक चुनाव में इसका फ़ायदा मिलेगा, वहीँ प्रकाशकों ने भी इस कदम का भरपूर स्वागत किया है।


वरिष्ठ लेखिका मैत्रेयी पुष्पा ने कहा, "बेस्ट सेलर के नाम पर बाज़ार ने यह झूठ बना रखा है कि गांव और कस्बों में भी अंग्रेज़ी की किताबें बिक रही हैं। वहां का पाठक वर्ग आज भी हिंदी की पुस्तक ही पढ़ता है। एक लेखक को बने रहने के लिए बाज़ार के बहाव में कतई नहीं बहना चाहिऐ। हिंदी की कई किताबें बेस्टसेलर हैं, शहर के बाहर ¨हिंदी की किताबें बिक रही हैं। महिलाएं और युवा इन किताबों के पाठक हैं। हिंदी में विषय समय के अनुसार बदल रहे हैं, लेकिन साधन से मनुष्य की भावनाएं नहीं बदल जाती हैं।’’
कार्यक्रम में सम्मिलित उपन्यासकार विवेक मिश्रा ने कहा, "बाज़ार की एक अपनी पसंद होती है और वह हमेशा अपनी पसंद की चीज़ को खपाने की पूरी कोशिश करता है। कई बार बेस्ट सेलर के नाम पर पाठकों के साथ बस धोखा होता है। साहित्य बाज़ार का हिस्सा ज़रूर है पर इसका मकसद बाकि बाज़ारू चिज़ों से अलग है। इसका मकसद आवाज़ उठाना है, न कि किसी स्पर्धा का हिस्सा बनना। आज की स्थिति में किसी भी रचना से यदि सरोकार निकाल दें और उसमें थोड़ा झूठ मिला दें तो वह बेस्टसेलर हो सकती है।"
हिन्द युग्म प्रकाशन के शैलेश भारतवासी ने कहा, "दैनिक जागरण हिंदी बेस्ट सेलर आने से किताब की लोकप्रियता का सही आंकलन हो सकेगा। साथ ही लोगों तक यह बात पहुँचेगी की अभी भी हिंदी में ऐसी किताबें आ रही हैं जो लोकप्रिय हो रही हैं।"
सामयिक प्रकाशन के निदेशक महेश भारद्वाज ने कहा कि “पश्चिमी देशों की तर्ज पर ¨हिंदी में बेस्टसेलर खोजना स्वागत योग्य कदम है। हिंदी प्रकाशक अंग्रेजी के मुकाबले सस्ती किताबें छापते हैं। हिंदी में उपन्यास और स्त्री विमर्श की मांग सबसे अधिक है। किताबों के प्रचार-प्रसार के लिए लेखक और प्रकाशक को कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहिए।”

दैनिक जागरण हिंदी बेस्टसेलर के बारे में :

दैनिक जागरण हिंदी बेस्टसेलर एक अभिनव प्रयोग है, क्योंकि अभी तक हिंदी के बेस्टसेलर की अवधारणा की शुरुआत नहीं हो सकी है। साथ ही हिंदी की पुस्तकों की लोकप्रियता एवं बिक्री के बारे में जानकारी का अब तक कोई स्वतंत्र एवं प्रामाणिक तंत्र नहीं है।
दैनिक जागरण नीलसन बुकस्कैन के द्वारा बेस्टसेलर सूची इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है। हिंदी साहित्य के बाज़ार को इस प्रयास द्वारा निश्चित तौर पर विकसित होने की संभावना मिलेगी।
वर्ष की हर तिमाही में दैनिक जागरण नीलसन बुकस्कैन द्वारा बेस्टसेलर पुस्तकों की सूची जारी की जायेगी। बेस्टसेलर की यह सूची तीन श्रेणियों में होगी- कथा, कथेतर और अनुवाद। दैनिक जागरण नीलसन बुकस्कैन बेस्टसेलर में उन्हीं किताबों को शामिल किया गया है जिन का पहला संस्करण 1 जनवरी, 2011 या उसके बाद प्रकाशित हुआ है।


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Akshaya Gaurav

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