वायदे बेचने का ये बाज़ार नया नया है 
कहते हैं साहेब का रोज़गार नया नया है 

दिल जीत लेते थे अपनी जुबानी कसरतों से 
उनको अपनी शोहरत का खुमार नया नया है 

कब तक बचे रह सकेंगे नफासत में वो भी
आखिर सत्ता का उनको भी शुमार नया नया है 

एक चोट पर इतनी घबराहट क्यों छा गई है 
मालूम होता है ये जम्हूरियत बीमार नया नया है 

देख भाल के चलना सरकारी महकमों में यहाँ 
सभी विपक्षी गुटों में हुआ ये करार नया नया है



लेखक सलिल सरोज के बारे में संक्षिप्त जानकारी के लिए क्लिक करें।



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Akshaya Gaurav

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