ध्रुव सिंह ‘एकलव्य’ द्वारा रचित काव्य-संग्रह ‘चीख़ती आवाज़ें’ का लोकापर्ण

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  • काव्य संग्रह में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ 42 कविताएं
  • ब्लॉगिंग के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम है ध्रुव सिंह ‘एकलव्य’ का

मेरठ। बनारस निवासी ध्रुव सिंह ‘एकलव्य’ द्वारा रचित काव्य-संग्रह चीख़ती आवाज़ें का लोकापर्ण रविवार को किया गया। प्राची डिजिटल पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित काव्य-संग्रह का विमोचन समारोह सहयोगी कंपनी निक्स इंफोटेक के माधवपुरम स्थित कार्यालय पर किया गया। विमोचन समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार डा. फखरे आलम खान ‘विद्यासागर’ ने काव्य-संग्रह की कुछ कविताओं को पढ़ा और कहा कि इन कविताओं में एकलव्य ने समाज की कुरीतियों पर बहुत ही गंभीरता से चोट किया है। डा.खान ने लेखक ध्रुव सिंह एकलव्य को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुझे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है एकलव्य भविष्य में हिन्दी के सतम्भ के रूप में अपनी जगह बनायेंगे।
इस दौरान प्राची डिजिटल पब्लिकेशन के डायरेक्टर राजेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि साहित्य दुनिया में ध्रुव सिंह एक उभरता सितारा है जिनकी कविताओं में आम भाषा का प्रयोग हुआ है। जो वास्तव में एक अच्छा प्रयोग है और इसके अलावा उन्होने समाज की कुरीतियों को बहुत ही प्रभावी ढंग से कविता रूपी माला में पिरोया है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि उन्होने समाज को आईना दिखाने वाला बहुत ही कीमती काव्य-संग्रह दिया है।
राजेन्द्र सिंह बिष्ट डायरेक्टर प्राची पब्लिकेशन ने कहा कि हमारा मकसद उभरती प्रतिभाओं को इंटरनेट एवं प्रिन्ट दुनिया से जोड़कर नये लेखकों को हिन्दी जगत में सम्मान दिलाना है। इस दौरान निक्स इंफोटेक के डायरेक्टर तुषार सिंह, शुभम कुशवाहा, युवा अंग्रजी साहित्यकार डा. अमता खान, अक्षय सिंह व अन्य स्टाफ मौके पर मौजूद रहा।


prachi

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