मित्र : सच्चा प्यार | आशीष कमल

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जिसके हाथ हमेशा दुआओं के लिए,
ईश्वर की वंदना करती हो…
जिसके रूह से मोहब्बत की,
पंखुड़ीयाँ निकलती हो…
जो खड़ा रहता है गमों में भी,
खुशी के छाये की तरह…
जिसके होठों पर,
सफलता के गीत निकलते हों…
जो मन की बात,
आँखों से पढ़ लेता हो…
जिसके ह्रद्य में प्रेम और
करूणा का संसार होता है,
वो मित्र ही तो है,
जिससे हमें सच्चा प्यार होता है।


लेखक अक्षय गौरव पत्रिका के प्रधान संपादक है अौर आप सामाजिक, साहित्यिक तथा शैक्षिक परिवेश पर लेखन करते हैं। आपसे E-Mail : asheesh_kamal@yahoo.in पर सम्पर्क किया जा सकता है।

© उपरोक्त रचना के सर्वाधिकार लेखक एवं अक्षय गौरव पत्रिका पत्रिका के पास सुरक्षित है।
prachi

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