होली पर अक्षय भंडारी जी की पेशकश

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होली की बुलावा पाती आई

होली की बुलावा पाती आई
होली कहकर आई
आई होली बजाओ ढोलक ढोल मृदंग
मन में जागरुकता का सन्देशा लाई।

रंगो से रंगीली दुनिया बनाओ
फाग के गीत गाकर
ढेर सारी बधाईयो का
शंखनाद लेकर होली आई।।

इस होली पर पानी से नाता जोड़ो
पानी को व्यर्थ ना करो
आपस में खुशियों के रंगों को भर तो
में आस लेकर इतनी आई
बस पानी से खेलने वालो को समझाईश देने आई।।
         

सन्देशा लेकर होली आई

फाग गीत गाकर होली आई
रंगों से भरपूर उल्लास ओर
कहती ढेर सारी शुभकामानाओ
का शंखनाद लेकर होली आई।

सारी दुनिया होगी रंगीली रंगों से
वो हमसे कुछ कहने आई
रंगों की बौछार से प्रेम भाव के
रंग का संचार करते हुए होली आई।

हमसे कहने आई होली एक सन्देशा लाई
जो पानी में रंगों को मिलाकर बौछारों से
होली खेले उसे जागरुक करने आई।

रंगीली दुनिया में अपनो को
साथ जोड़ने होली आई
बुरा न मानों कहती आई।
अबीर, गुलाल रंगों से खेलो होली
खाये मिठाई और गुझिया
पिये ठण्डाई और घूटेगें भांग
सब मिलकर मनाए होली
सन्देशा लेकर होली आई, होली आई।।

 
अक्षय आजाद भण्डारी 
राजगढ़(धार) मध्यप्रदेश
फोन: 9893711820


prachi

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